वन्दे मातरम्।

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BRIJESH PANDEY


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कथा यात्रा

Posted On: 4 Aug, 2011  
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Others मस्ती मालगाड़ी में

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कामवासना ओर प्रेम

Posted On: 27 Jul, 2011  
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मस्ती मालगाड़ी मेट्रो लाइफ में

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संभोग से समाधि की और—2

Posted On: 26 Jul, 2011  
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मस्ती मालगाड़ी मेट्रो लाइफ में

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा: Amar Singh Amar Singh

पाण्डेय जी बहुत अच्छा विषय लिया है. पड़कर मन आनंदित हो गया. ओशो इस युग के सबसे बड़े विचारक हुए है. जिस प्रकार से ओशो ने विभिन विषयों पर बेबाकी से बोला है, उस प्रकार शायद ही कोई बोल पाया होगा. ओशो के विचार सीधे ह्रदय को छु लेते है. सत्य को अद्भुद रूप में प्रस्तुत किया है. मैं कई दिनों से ओशो की सम्भोग से समाधी की और पुस्तक पड़ने को बहुत इचुक था, जो इचा आपके इस लेख के द्वारा प्राप्त हुई. सादर धन्यवाद. इस प्रकार के ओशो से सम्बंधित और भी लेख उपलब्ध हो सके तो उन्हें लिखने का प्रयास करे. खासकर उक्त विषय पर, इन्होने बहुत ही नए प्रकार का वर्न्दन किया है काम के ऊपर. जिसे पहले के सभी चिंतको ने सिरे से नकार दिया था. read more article http://singh.jagranjunction.com

के द्वारा: Amar Singh Amar Singh

के द्वारा: anusetia anusetia

मुल्ला नसरुद्दीन की पत्नी बाहर गई थी। और छोटी लड़की ने, जिसकी उम्र केवल सात साल है, उस दिन भोजन की टेबल पर सारा कार्यभार सम्हाल लिया था और बड़ी गुरु-गंभीरता से एक प्रौढ़ स्त्री का काम अदा कर रही थी। लेकिन उससे छोटा बच्चा पांच साल का, उसे यह बात न जंच रही थी। तो उसने कहा कि अच्छा मान लिया, मान लिया कि तुम मां हो, लेकिन मेरे एक सवाल का जवाब दो कि सात में सात का गुणा करने से कितने होते हैं? उस लड़की ने गंभीरता से कहा, मैं काम में उलझी हूं, तुम डैडी से पूछो। छोटी सी बच्ची! लेकिन हर लड़की मां पैदा होती है और हर पुरुष अंतिम जीवन के क्षण तक भी छोटा बच्चा बना रहता है। कोई पुरुष कभी छोटे बच्चे के पार नहीं जाता। हर पुरुष की आकांक्षा स्त्री में मां को खोजने की होती है और स्त्री की आकांक्षा पुरुष में बच्चे को खोजने की होती है। इसलिए जब कोई एक पुरुष एक स्त्री को गहरा प्रेम करता है तो वह छोटे शिशु जैसा हो जाता है। और प्रेम के गहरे क्षण में स्त्री मां जैसी हो जाती है। उपनिषद के ऋषियों ने आशीर्वाद दिया है नव-विवाहित युगलों को कि तुम्हारे दस बच्चे पैदा हों और अंत में ग्यारहवां तुम्हारा पति तुम्हारा बेटा हो जाए। उन्होंने बड़ी ठीक बात कही है।

के द्वारा: BRIJESH PANDEY BRIJESH PANDEY




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