वन्दे मातरम्।

वन्दे मातरम्।

74 Posts

38 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 5753 postid : 285

जानिए किस माह में जन्मीं स्त्री का स्वभाव कैसा होता है?

Posted On: 25 Jun, 2012 मस्ती मालगाड़ी में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

ज्योतिष के अनुसार जन्म के समय जैसी ग्रह स्थिति होती है, जैसा समय होता है, जैसा वार या माह होता है व्यक्ति का स्वभाव ठीक वैसा ही हो जाता है। हर दिन, हर माह का अपना अलग प्रभाव और स्वभाव होता है और इसका सीधा असर व्यक्ति पर पड़ता है।

हिन्दी पंचांग और अंग्रेजी कैलेंडर में माह में काफी अंतर होता है। ज्योतिष में हिन्दी पंचांग को महत्वपूर्ण माना गया है। हिन्दू धर्म के अनुसार हिन्दी पंचांग में बताए गए 12 माह के अनुसार यहां जानिए किस माह में जन्मीं स्त्री का स्वभाव कैसा हो सकता है-

वैशाख मास: जिन स्त्रियों का जन्म वैशाख मास में होता है वे सामान्यत: सुंदर नेत्र वाली होती हैं। इन लड़कियों या स्त्रियों का स्वभाव सरल और सहज होता है। इनके पति का स्वभाव भी उत्तम रहता है। ये महिलाएं कम खर्च करने वाली और क्रोध करने वाली होती हैं। इन्हें जीवन में धन और सुख दोनों प्राप्त होते हैं।

ज्येष्ठ मास: इस माह में जन्म लेने वाली स्त्रियां उत्तम बुद्धि वाली होती हैं। इन्हें जीवन में धन और सुख आसानी से प्राप्त हो जाते हैं। सामान्यतया इन महिलाओं के लिए कोई भी कार्य मुश्किल नहीं होता है। तीर्थ यात्रा करने वाली और पतिव्रता होती हैं।

आषाढ़ माह: जिन महिलाओं का जन्म आषाढ़ मास में हुआ है वे मीठा बोलने वाली होती हैं। इनकी आवाज का ही सर्वाधिक आकर्षण होता है। अधिकांश परिस्थितियों में इनका पति भी अच्छे स्वभाव वाला होता है। हालांकि इन्हें धन और सुख की कमी हो सकती है। कड़ी मेहनत के बाद भी इन स्त्रियों को उचित धन प्राप्त नहीं हो पाता है।

श्रावण मास: सावन मास बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है। इस माह में जन्म लेने वाली स्त्रियां शुभ और धार्मिक कार्य करने वाली होती हैं। इनके जीवन में सुख और दुख, लाभ और हानि की समानता रहती है। इन स्त्रियों में कामुकता अधिक होती है। खुश मिजाज और संतान का सुख प्राप्त करने वाली होती हैं। सामान्यत: ये स्त्रियां बीमारियों से परेशान रहती हैं।

भाद्रपद मास: इस माह में जन्म लेने वाली महिलाएं सुंदर शरीर वाली होती हैं। मीठी वाणी और सरल स्वभाव इनकी विशेषता होती है। पति की ओर से भी उत्तम सुख प्राप्त होता है। ससुराल में मान-सम्मान प्राप्त करने वाली होती हैं। ये स्त्रियां जिद भी करती हैं जिससे कई बार परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं।

आश्विन मास: चंचल स्वभाव इन माह में जन्म लेने वाली स्त्रियों की पहचान होती है। ये महिलाएं बातचीत में होशियार होती हैं। धनवान होने के साथ ही पति की ओर से सुख प्राप्त होता है। संतान की ओर से कुछ समस्याएं हो सकती हैं।

कार्तिक मास: इस माह में जन्म लेने वाली महिलाएं धनवान होती हैं। बुद्धिमान और कई कलाओं की जानकार होती हैं। ये स्त्रियां मीठी बोलने वाली होती हैं। सामान्यत: ये महिलाएं पति को वश में करने वाली होती हैं। किंतु ससुराल वालों से कई बार वाद-विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती है। इन्हें कफ संबंधी बीमारियां अधिक परेशान करती हैं।

मार्गशीर्ष मास: इस मास में जन्म लेने वाली महिलाएं नरम स्वभाव की होती हैं। ये धीरे-धीरे बात करती हैं। इन महिलाओं को सच पसंद होता है। धार्मिक कार्यों में रूचि होती है। धन अच्छा रहता है लेकिन खर्च भी अधिक होते हैं। पेट संबंधी रोग होने की अधिक संभावनाएं रहती हैं।

पौषमास: सामान्यत: वे स्त्रियां अधिक क्रोधी होती हैं जिनका जन्म पौष मास में होता है। ये महिलाएं स्वयं के कार्यों से भाग्य का निर्माण करती हैं। सभी से मिल-जुलकर रहती हैं। इसी वजह से इन्हें मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। इन स्त्रियों को सिरदर्द, वायु एवं वात रोग की बीमारी अधिक रहती है।

माघ मास: इन महिलाओं का चेहरा सुंदर होता है जिनका जन्म माघ मास में होता है। स्वभाव सरल और सहज होता है। दूसरों को अपनी बात पूरी तरह प्रकट नहीं करने देती हैं। ये महिलाएं कमजोरी के कारण रोगी रह सकती हैं।

फाल्गुन मास: इस माह में जन्म लेने वाली स्त्रियां दयावान होती हैं, इनसे किसी का दुख नहीं देखा जाता है। शुभ और धार्मिक विचार वाला इनका स्वभाव रहता है। पढ़ाई-लिखाई में होशियार होती हैं।

चैत्र मास: इस मास में जन्म लेने वाली स्त्रियां चतुर होती हैं। इनका रंग-रूप सुंदर होता है। चंचल स्वभाव होने के कारण इनका आकर्षक काफी अधिक रहता है। धन के मामलों में भी इन्हें काफी लाभ होता है। कभी-कभी क्रोध इन पर हावी हो जाता है।
shriya_saran

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

dineshaastik के द्वारा
June 26, 2012

सुन्दर  आलेख , किन्तु अतार्किक, क्या ईश्वर  निष्पक्ष  नहीं है? क्या ईश्वर दयावान एवं क्रोध  जैसे विकारों से ग्रसित  है? क्या ईश्वर न्यायकारी नहीं है? क्या ईश्वर  विवेकहीन है? यह ऐसे प्रश्न हैं, जिन्हें ज्योतिष  अनुत्तरिक  कर देता है।

anamika के द्वारा
June 25, 2012

जानकारी के लिए शुक्रिया


topic of the week



अन्य ब्लॉग

  • No Posts Found

latest from jagran