वन्दे मातरम्।

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मिथुन राशि

Posted On: 4 Feb, 2012 मस्ती मालगाड़ी में

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जिन व्यक्तियों के नाम का पहला अक्षर का, की, कु, घ, ड, छ, के, को, हा. हो उन लोगों के जीवन में सामान्यत: कई प्रेम संबंध होते हैं। इस राशि का प्रतीक युवा दम्पति है, यह द्वि-स्वभाव वाली राशि है। मृगशिरा नक्षत्र के तीसरे चरण के मालिक मंगल-शुक्र हैं। मंगल शक्ति और शुक्र माया है। जातक के अन्दर माया के प्रति भावना पायी जाती है, जातक जीवन साथी के प्रति हमेशा शक्ति बन कर प्रस्तुत होता है। साथ ही घरेलू कारणों चलते कई बार आपस में तनाव रहता है। मंगल और शुक्र की युती के कारण जातक में स्त्री रोगों को परखने की अद्भुत क्षमता होती है। जातक वाहनों की अच्छी जानकारी रखता है। इनका घरेलू साज सज्जा के प्रति अधिक झुकाव होता है।

मंगल के कारण जातक जबान का पक्का बन जाता है। गुरु आसमान का राजा है तो राहु गुरु का चेला, दोनो मिलकर जातक में आसमानी ताकतों को बढ़ाते हैं। जातक का रुझान अंतरिक्ष और ब्रह्माण्ड के बारे मे पता करने की योग्यता जन्म जात पैदा होती है। वह वायुयान और सेटेलाइट के बारे में ज्ञान बढ़ाता है। राहु-शनि के साथ मिलने से जातक के अन्दर शिक्षा और शक्ति उत्पादित होती है। जातक का कार्य शिक्षा स्थानों में या बिजली, पेट्रोल या वाहन वाले कामों की ओर होता है। जातक एक दायरे मे रह कर ही कार्य कर पाता है और पूरा जीवन कार्योपरान्त फलदायक रहता है। जातक के अन्दर एक मर्यादा जो धर्म में लीन करती है और जातक सामाजिक और धार्मिक कार्यों में अपने को रत रखता है। गुरु जो ज्ञान का मालिक है, उसे मंगल का साथ मिलने पर उच्च पदासीन करने के लिये और रक्षा आदि विभागों में ले जाता है।

जातक के अन्दर अपने ही विचारों में अपने ही कारणों से उलझने का कारण पैदा होता है। मिथुन राशि पश्चिम दिशा की द्योतक है, जो चन्द्रमा की निरयण समय में जन्म लेते हैं, वे मिथुन राशि के कहे जाते हैं।

जातक मे चंचलता रहती है। शरीर बलबान नहीं रह पाता है, आंखों का रंग भूरा या नीला होता है, शरीर का रंग सांवला या गोरा कैसा भी हो सकता है।

मिथुन राशि वालों को दुर्बोध माना जाता है। इस राशि का निशान स्त्री और पुरुष का जोडा है। इसका स्वामी बुध है। बुध की धातु पारा है और इसका स्वभाव जरा सी गर्मी-सर्दी में ऊपर नीचे होने वाला है।

जातकों में दूसरे की मन की बातें पढऩे, दूरदृष्टि, बहुमुखी प्रतिभा, अधिक चतुरायी से कार्य करने की क्षमता होती है। जातक को बुद्धि वाले कामों में ही सफलता मिलती है। अपने आप पैदा होने बाली मति और वाणी की चतुरता से इस राशि के लोग कुशल कूटनीतिज्ञ और राजनीतिज्ञ भी बन जाते हैं, हर कार्य में जिज्ञासा और खोजी दिमाग होने के कारण इस राशि के लोग अन्वेषण में भी सफलता लेते रहते हैं और पत्रकार, लेखक, मीडियाकर्मी, भाषाओं की जानकारी, योजनाकार भी बन सकते हैं।

मिथुन राशि

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