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गुस्से में रहने वाली पत्नी को त्याग देना चाहिए

Posted On: 29 Nov, 2011 Others,मस्ती मालगाड़ी में

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ऐसा माना जाता है कि पति और पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का होता है। कई विपरित परिस्थितियों में भी पति-पत्नी एक-दूसरे का साथ निभाते हैं। यदि पत्नी सर्वगुण संपन्न है तो तब तो दोनों का जीवन सुखी बना रहता है लेकिन पत्नी हमेशा क्रोधित रहने वाली है तो दोनों के जीवन में हमेशा ही मानसिक तनाव बना रहता है। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि-

त्यजेद्धर्मं दयाहीनं विद्याहीनं गुरुं त्यजेत्।

त्यजेत्क्रोधमुखं भार्यां नि:स्नेहान् बान्धवांस्त्यजेत्।।

जिस धर्म में दया का उपदेश न हो, उस धर्म को छोड़ देना चाहिए। जो गुरु ज्ञानहीन हो उसे त्याग देना चाहिए। यदि पत्नी हमेशा क्रोधित ही रहती है तो उसे छोड़ देना चाहिए और जो भाई-बहन स्नेहहीन हो उन्हें भी त्याग देना चाहिए।

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि किसी धर्म में दया उपदेश नहीं दिया गया हो तो उसे छोड़ देना चाहिए। क्योंकि दया ही मानवता का मुख्य कर्तव्य है। प्रेम और दया के अभाव में धर्म अहिंसा का ही उपदेश दे सकता है। किसी भी गुरु का प्रमुख कर्तव्य है कि वह अपने विद्यार्थी को ज्ञान दें। यदि कोई गुरु विद्वान नहीं है तो उसे छोड़ देना चाहिए। अज्ञानी गुरु का महत्व नहीं है। ठीक इसी प्रकार यदि किसी व्यक्ति की पत्नी हमेशा क्रोध में रहती है, पति को प्रेम नहीं करती है, पतिव्रत धर्म का पालन नहीं कर रही है, हमेशा पति को दुख देती रहती है तो ऐसी पत्नी को तुरंत त्याग देना चाहिए। जो रिश्तेदार, भाई-बहन दुख के समय साथ छोड़ देते हैं उनसे दूर रहने में ही भलाई है। जहां प्रेम का अभाव वहां कोई रिश्ता नहीं रखना चाहिए।

कौन है आचार्य चाणक्य?

आचार्य चाणक्य तक्षशिला के गुरुकुल में अर्थशास्त्र के आचार्य थे लेकिन उनकी राजनीति में गहरी पकड़ थी। इनके पिता का नाम आचार्य चणी था इसी वजह से इन्हें चणी पुत्र चाणक्य कहा जाता है। संभवत: पहली बार कूटनीति का प्रयोग आचार्य चाणक्य द्वारा ही किया गया था। जब उन्होंने सम्राट सिकंदर को भारत छोडऩे पर मजबूर कर दिया। इसके अतिरिक्त कूटनीति से ही उन्होंने चंद्रगुप्त को अखंड भारत का सम्राट भी बनाया। आचार्य चाणक्य द्वारा श्रेष्ठ जीवन के लिए चाणक्य नीति ग्रंथ रचा गया है। इसमें दी गई नीतियों का पालन करने पर जीवन में सफलाएं अवश्य प्राप्त होती हैं।
गुस्से में रहने वाली पत्नी

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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

mparveen के द्वारा
December 1, 2011

पाण्डेय जी नमस्कार, समस्या को त्याग देना उसका हल नहीं होता है . पत्नी गुस्सा क्यूँ है उसके कारणों का पता लगाओ और फिर कोई निर्णय लो .

nishamittal के द्वारा
November 30, 2011

पति यदि हर समय अकारण क्रोध में रहता हो तो क्या उसकी आरती उतरनी चाहिए ?

abodhbaalak के द्वारा
November 29, 2011

ब्रिजेश जी तलाक की संख्या इतनी हो जाएगी की ………………, अगर इस आधार पर पत्नियों का ………, वैसे अगर पति भी गुस्से में रहने वाला हो तो पत्नी को क्या …………..? :) http://abodhbaalak.jagranjunction.com/


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